गोंदिया,ता.२०:साडेतीन साल पहले मुठभेड में मारा गया नक्सलीयों के केंद्रिय कमिटी का सदस्य मिलिंद तेलतुंबडे का बॉडीगार्ड एवं खूंखार नक्सली देवसू उफ देसूने १९ मई को गोंदिया पुलिस के सामने सरेंडर किया.
देवसू की उम्र महज २४ साल है. उसका असली नाम देवा राजा सोडी है, जो की छत्तीसगढ के बिजापूर जिले के चिटींगपार गांव का निवासी है. वह प्लाटून कमिटी और कोअर कमिटी का सदस्य रहते हुए नक्सली नेता मिलिंद तेलतुंबडे का बॉडीगार्ड रह चुका है. देवसू बाल्यावस्था में ही नक्सलीयों के बाल संगठन में भर्ती हुआ था. इसके बाद २०१७ मे वह पामेड दलम का सदस्य हुआ. दिसंबर २०१७ में उसे कुछ नए भर्ती हुए नक्सलियों के साथ एमएमसी झोन में भेजा गया. अप्रैल २०१८ मे वह अपने साथीयों के साथ एमसीसी जोन (विस्तार एरिया) में दाखिल हुआ. दरेकसा, तांडा, मलाजखंड दलम में भी उसने कुछ दिन काम किया. उस दौरान तत्कालिन एमसीसी जोन प्रभारी एवं केंद्रिय कमिटी मेंबर मिलिंद तेलतुंबडे के अंगरक्षक के रुप में उसकी नियुक्ती की गई.
गौरतलब है कि, १३ नवंबर २०२१ को गडचिरोली जिले के कोरची तहसील छत्तीसगढ राज्य की सीमा पर मर्दिनटोला गाव के पास गडचिरोली पुलिस से हुई मुठभेड में मिलिंद तेलतुंबडे सहीत २८ नक्सली मारे गये थे. देवसू भी उस मुठभेंड में शामिल था लेकिन वह और उसके कुछ साथी जान बचाकर भागे थे. इसके बाद देवसू ने माड एरिया में काम किया ओर वापस पीएल 9 में आ गया. २०१७ से २०२२ तक देवसू ने गोंदिया जिले मे विविध आपराधिक घटनाओंको अंजाम दिया था. गडचिरोली जिले में सिर्फ मर्दिनटोला मुठभेड में वह शामिल था, ऐसी जानकारी गडचिरोली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने दी.
इस नक्सली आत्मसमर्पण कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक, नित्यानंद झा इनके मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक प्रमोद भातनाते, पुलिस उपनिरीक्षक श्रीकांत हत्तीमारे, अंमलदार अश्विनीकुमार उपाध्याय, हवालदार अनिल कोरे, अतुल कोल्हटकर, चंदन पटले,लीना मेश्राम, उमेश गायधने ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया.




