गडचिरोली,ता.२३: बाघ और तेंदुए की शिकार कर उनकी खाल और अन्य अंग की तस्करी करनेवाले चार आरोपीयोंको वनविभाग ने कोरची तहसील से गिरफ्तार किया है. नकुल प्रल्हाद सहारे(५८), निवासी कोहका, जितेंद्र गोविंदराव कराडे(३०), निवासी कोटगूल, इंदर रामदास सहारे(४०) और महेंद्र रामनाथ सहारे(२९) दोनो निवासी गहाणेगाटा, तहसील कोरची ऐसे गिरफ्तार आरोपीयों के नाम है. दंडासूर निवासी कारु टेंभुर्णे फरार बताया जाता है.
गोंदिया जिले के सडक अर्जुनी वन परिक्षेत्र में बाघ और तेंदुए की खाल और अन्य अंगों की तस्करी करनेवाले लोग सक्रिय होने की जानकारी नागपूर के विभागीय वन अधिकारी पी.जी.कोडापे को मिली थी. इस आधार पर सडक अर्जुनी वन विभाग के कर्मचारीयोंने १९ फरवरी को तेंदुए की खाल एवं अन्य अंग खरीदने के लिए नकली ग्राहक भेजा और जानकारी सहीं निकली. इस दौरान कर्मचारीयों ने तीन आरोपीयों को गिरफ्तार किया. इन आरोपीयों ने दी जानकारी के अनुसार दुसरे दिन कोरची तहसील से नकुल सहारे और जितेंद्र कराडे को भी गिरफ्तार किया गया. उनके पास से तेदुए की खाल जब्त की गयी. उन्हे बेडगाव के वन अधिकारीयों को सौंपा गया. उन्हे २१ फरवरी को वडसा कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने आरोपींयो को ७ दिन के एफसीआर में भेजा है. इस घटना में इंदर सहारे और महेंद्र सहारे को भी गिरफ्तार किया गया है.
इस मामले में तेदुए की शिकार कर उनके अंगो की तस्करी करनेवाला गिरोह लिप्त होने के संकेत मिल रहे है. वडसा के उपवनसंरक्षक वरुण बी.आर. के मार्गदर्शन में बेडगाव के वन परिक्षेत्र अधिकारी एल.एम.ठाकरे घटना की जांच कर रहे है.




