Home Update माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव नंबाला केशव छत्तीसगड के मुठभेड में ढेर?

माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव नंबाला केशव छत्तीसगड के मुठभेड में ढेर?

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गडचिरोली,ता.२१: छत्तीसगड के अबुडमाड जंगल में आज डीआरजी पुलिस के साथ हुई मुठभेड में नक्सलीयों के माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ गगन्ना उर्फ बसव राजू ढेर हो गया. नक्सली मूव्हमेंट में नंबाला केशव राव सर्वोच्च नेता था. आज तक के इतिहास में छत्तीसगड पुलिस को मिली यह सबसे बडी सफलता है. इस मुठभेंड में ३० से अधिक नक्सली जिसमें नक्सल प्रवक्ता रुपेश भी मारे जाने की बात कहीं जा रही है.

माड डिव्हीजन में नक्सलियों के बडे कैडर आने की सूचना मिलते ही नारायणपूर, दंतेवाडा, बीजापूर और कोंडागाव की डीआरजी टीम ने अबुझमाड में बडा ऑपरेशन शुरु किया था. आज सुबह डीआरजी के जवानों के साथ नक्सलियों से मुठभेड हुई, उसमें देश के नक्सल मूव्हमेंट का सबसे बडा नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसव राजू ढेर हो गया. इस मुठभेड में नक्सल प्रवक्ता रुपेश की भी मृत्यू होने की बात कही जा रही है.

७० साल उम्र के नंबाला केशव राव का जन्म १९५५ में आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जियान्नापेठ गाव में हुआ. नंबालाने आंध्रपदेश के वारंगल के नॅशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी से बी.टेक की पढाई की है. १९७० से वह माओवादी संगठन में सक्रिय है. एम्बुश लगाना और जिलेटिन का विस्फोट करने में नंबाला केशव राव माहिर था. उसने गुर्रिल्ला वॉर का प्रशिक्षण लिया था. १९९२ नंबाला केशव उस वक्त की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(मार्क्सवादी-लेनिनवादी) का केंद्रिय कमिटी मेंबर के रुप में चुनके आया था. २००४ में जब कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(माओवादी) बनी, तो नंबाला राव की नियुक्ती सेंट्रल मिलिटरी कमिशन के प्रमुख और पॉलिट ब्युरो मेंबर के रुप में की गई. माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी का महासचिव  मुप्पाला लक्ष्मण राव उर्फ गणपती ने जब पार्टी के महासचिव पदा इस्तिफा दिया, तब १० नवंबर २०१८ को नंबाला केशव राव की नियुक्ती महासचिव पद पर की गई. छत्तीसगड, महाराष्ट्र और ओडिशा में पुलिस बल पर हुए और अन्य बडे हमलों में नंबाला केशव राव ही मास्टर माईंड था. २०१० में दंतेवाडा में हुए हमले में सीआरपीएफ के ७६ जवान शहीद हुए थे. उसके बाद जीरम घाटी में हुए हमले में काँग्रेस नेता विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल सहीत २७ लोग मारे गये थे. २३ सितंबर २०१८ को आंध्रपदेश में सत्तारुढ तेलगू देसम पार्टी के विधायक किदरी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमा की ओडिशा सीमा पर हत्या की गई थी. इन सभी घटनाओं में नंबाला केशव राव का हाथ बताया जाता है. भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआयए) की सर्वाधिक वांढित फरार लोगों की सूची में नंबाला केशव राव का नाम शामिल था.

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