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नक्सलियोंने की पूर्व पंचायत समिति सभापति की हत्या

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गडचिरोली,ता.1: भामरागड पंचायत समिति के पूर्व सभापति सुख्रराम मडावी (45) की नक्सलियोंने गला घोटकर कल(ता.1) रात हत्या कर दी. इस वजह से फिर से लोगों के बीच घबराहट पैदा हुई है. मडावी पुलिस के मुखबिर होने का आरोप नक्सलियों ने शव के पास डाले पर्चे में किया है.

भामरागड तहसील के कियर निवासी सुखराम मडावी 2017-19 तक पंचायत समिति के सभापति थे. 2019 के बाद वह उपसभापति बने. शनिवार के रात 11 बजे के दौरान सशस्त्र नक्सली सुखराम मडावी के घर गये. उन्हे नींद से उठाकर गाँव के बाहर मैदान में ले गए. वहां उन्हें पीटा गया और गला घोटकर हत्या कर दी गई. नक्सलीयोंने घटनास्थल पर एक पर्चा डाला है, जिसमें सुख्रराम मडावी पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया है. उन्होंने पुलिस सहायता केंद्र को खोलने और लोह अयस्क खदान का समर्थन करने का काम किया. इसीलिए उनकी हत्या की गई, ऐसा पर्चे में लिखा गया है.

पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने घटना की पुष्टि की है. सुखराम मडावी पुलिस का मुखबिर नहीं थे. नक्सलीयों ने एक निर्दोष व्यक्ति को मार डाला है. नीलोत्पल ने कहा कि, पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस बीच, पिछले पांच से छह वर्षों में, पुलिस मुठभेड में कई नक्सल मारे गए हैं, और कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरकार यह दावा कर रहीं है कि नक्सलियों को समाप्त कर दिया गया है, लेकिन आम नागरिकों की हत्या कर नक्सली फिर से आतंक फैलाने की कोशीश में लगने की बात सामने आ रही है.

पिछले २३ साल में ३ राजनीतिक नेताओं की हत्या

नक्सलियों ने पिछले २३ साल में भामरागड तहसील के ३ प्रमुख राजनीतिक नेताओंकी हत्या की है. १० फरवरी २००२ को तत्कालीन कांग्रेस जिला अध्यक्ष मालू कोपा बोगामी की नक्सलीयोंने हत्या की. यह एक प्रमुख राजनीतिक नेता को मारने की पहली घटना थी. फिर २८ जनवरी २०१२ को कांग्रेस के तालुकाध्यक्ष तथा भामरागड पंचायत समिती के सभापति बहादुर शाह आलाम की नक्सलीयों ने भामरागड के चौराहें पर गोली से हत्या की थी और अभी 1 फरवरी 2025 को भामरागड पंचायत समिति के पूर्व सभापति  सुख्रराम मडावी की हत्या कर दी गई.

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